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चीन ने PoK और अफगानिस्तान बॉर्डर के पास शिंजियांग में बना दी नई काउंटी, भारत ने कहा-इन प्रयासों से नहीं बदलेगी सच्चाई

 Published : Apr 12, 2026 05:26 pm IST,  Updated : Apr 12, 2026 05:39 pm IST

चीन ने पीओके और अफगानिस्तान बॉर्डर के पास अपने शिंजियांग क्षेत्र में नई काउंटी बनाकर विवाद पैदा कर दिया है। भारत ने इसे चीन का दुष्प्रचार करार दिया है और कहा है कि उसके ऐसे प्रयासों से सच्चाई नहीं बदलेगी।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।- India TV Hindi
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। Image Source : X@MEA AND AP

India Vs China: चीन ने अपने अशांत शिंजियांग प्रांत में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान की सीमा के निकट एक नई काउंटी (नया जिला) बना दिया है। चीन के अनुसार उसने यह कदम वाखान कॉरिडोर के संकीर्ण इलाके में सुरक्षा मजबूत करने और उइगर अलगाववादी आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए उठाया है। बीजिंग ने इस नए जिले का नाम सेनलिंग रखा है। यह काउंटी काराकोरम पर्वत श्रृंखला के पास स्थित है और PoK व अफगानिस्तान की सीमा के बहुत करीब है, जिससे इसकी सामरिक महत्वता साफ झलकती है। चीन के सामरिक इरादों को भांप कर भारत ने सख्त रिएक्शन दिया है और कहा है कि बीजिंग के इन प्रयासों से सच्चाई नहीं बदलेगी। 

थोड़े ही समय में चीन ने बनाई तीसरी काउंटी

इन इलाकों में चीन तेजी से बस्तियां बसा रहा है। चीन द्वारा यह एक साल से थोड़े अधिक समय में शिंजियांग में स्थापित किया गया तीसरा नया जिला है। शिंजियांग मुख्य रूप से मुस्लिम उइगर बहुल क्षेत्र है। भारत ने पिछले साल चीन द्वारा बनाए गए हेन और हेकांग जिलों के निर्माण पर भी आपत्ति जताई थी। भारत ने कहा था कि इन जिलों का कुछ हिस्सा उसके संघ राज्य क्षेत्र लद्दाख में आता है। हेन जिले में विवादित अक्साई चिन पठार का बड़ा हिस्सा शामिल है, जो 1962 के युद्ध में चीन द्वारा कब्जा किए गए लद्दाख का हिस्सा है और भारत-चीन सीमा विवाद का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

चीन की इसी काउंटी के पास है पीओके और सीपीईसी

जिनिपिंग की सरकार ने शिंजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में गत 26 मार्च को सेनलिंग जिले की स्थापना की घोषणा की है। हालांकि इसके प्रशासनिक क्षेत्रों और सटीक सीमाओं का विवरण नहीं दिया गया। हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार इस नए जिले का प्रशासन काशगर प्रीफेक्चर के अधीन होगा। काशगर प्राचीन सिल्क रोड पर स्थित ऐतिहासिक शहर है, जो चीन को दक्षिण और मध्य एशिया से जोड़ने का सामरिक द्वार माना जाता है। यहीं से विवादास्पद 60 अरब डॉलर का चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) शुरू होता है, जो PoK से होकर गुजरता है और भारत इसका विरोध करता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेनलिंग जिले का निर्माण बीजिंग की बढ़ती सीमा सुरक्षा और शासन व्यवस्था पर फोकस को दर्शाता है

चीन की सामरिक मंशा उजागर

शंघाई के फुदान विश्वविद्यालय में प्रोफेसर लिन मिनवांग ने कहा कि यह कदम “इस क्षेत्र की सामरिक महत्वता को लेकर चीन की गहरी समझ को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “व्यापक स्तर पर यह फैसला चीन की सीमावर्ती क्षेत्रों पर जोर देने का संकेत है।”उन्होंने बताया कि नया जिला भौगोलिक रूप से अफगानिस्तान के संकीर्ण वाखान कॉरिडोर से जुड़ा हुआ है, जो ताजिकिस्तान और PoK को अलग करने वाली 74 किलोमीटर लंबी पट्टी है। इससे चीन की सुरक्षा और आतंकवाद-विरोधी चिंताएं स्पष्ट होती हैं। बीजिंग पहले भी पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM) के उइगर आतंकियों के अफगानिस्तान से वाखान कॉरिडोर के रास्ते शिंजियांग में घुसपैठ की आशंका जता चुका है। 

 

भारत ने कहा-चीन के दुष्प्रचार से नहीं बदलेगी सच्चाई

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन की इन हरकतों पर सख्त प्रक्रिया दी है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, “भारत चीनी पक्ष द्वारा भारतीय क्षेत्र के स्थानों को काल्पनिक नाम देने के किसी भी दुष्प्रचारपूर्ण प्रयास को स्पष्ट रूप से खारिज करता है। चीनी पक्ष द्वारा झूठे दावे पेश करने और निराधार कथानक गढ़ने के ऐसे प्रयास इस निर्विवाद सच्चाई को नहीं बदल सकते कि ये स्थान और क्षेत्र, जिनमें अरुणाचल प्रदेश भी शामिल है, भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे। चीनी पक्ष की ये कार्रवाइयां भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और सामान्य बनाने के चल रहे प्रयासों से ध्यान भटकाती हैं। चीन को ऐसी कार्रवाइयों से बचना चाहिए जो संबंधों में नकारात्मकता का माहौल पैदा करती हैं और बेहतर समझ बनाने के प्रयासों को कमजोर करती हैं।”

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